आज हम क्रिसमस के उपहार के बारे में बाइबल के श्लोकों के बारे में बात करेंगे। क्रिसमस सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह हमारे उद्धारकर्ता, यीशु मसीह के जन्म का जश्न मनाने का समय है। इस समय, हम बाइबल के उन शब्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो हमें बाइबल में क्रिसमस के महत्व को समझाते हैं। ये श्लोक हमें न केवल क्रिसमस की खुशियों में समरसित करते हैं, बल्कि हमें यीशु के प्रेम और बलिदान की भी याद दिलाते हैं। अपने ह्रदय को खुला रखकर हम इन शब्दों को पढ़ें और खुद को प्रेम और आनंद से भर दें।
Bible Verses For Christmas
यीशु का जन्म
जब हम क्रिसमस का जश्न मनाते हैं, तो हम सबसे पहले उसके जन्म पर ध्यान देते हैं। यीशु का जन्म न केवल हमारे लिए एक उपहार है, बल्कि यह प्रेम का वास्तविक उदाहरण है। बाइबल में यीशु के जन्म के विशेष क्षणों का वर्णन हमारे लिए यह याद दिलाता है कि हमें भी प्रेम और सहानुभूति के साथ एक-दूसरे के प्रति व्यवहार करना चाहिए। जब हम इन बाइबल के श्लोकों को पढ़ते हैं, तो हमें एहसास होता है कि हम सब एक बड़ा परिवार हैं और हम सभी को एक-दूसरे का समर्थन करने की ज़रूरत है।
लूका 2:10-11
“परन्तु स्वर्गदूत ने उनसे कहा, ‘मत डरो; क्यूंकि मैं तुमको एक महान आनंद की शुभ सूचना देता हूँ, जो सम्पूर्ण प्रजा के लिए होगी। क्योंकि आज तुम्हारे लिए दाऊद के नगर में एक उद्धारकर्ता का जन्म हुआ है, वह है मसीह, प्रभु।” – लूका 2:10-11
मत्ती 1:21
“और वह पुत्र उत्पन्न करेगी; और तुम उसका नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों को उनके पापों से उद्धार करेगा।” – मत्ती 1:21
यशायाह 9:6
“क्योंकि हमें एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया; और उसके कंधे पर सत्ता होगी; और उसका नाम अद्भुत, सलाहकार, शक्तिशाली परमेश्वर, शांति का पिता, everlasting पिता रखा जाएगा।” – यशायाह 9:6
लूका 2:14
“स्वर्ग में परमेश्वर की महिमा, और पृथ्वी पर उनके साथ शांति, जिनसे वह प्रसन्न है।” – लूका 2:14
मत्ती 2:10-11
“जब उन्होंने तारे को देखा, तो बहुत ही आनंदित हुए। और जब वे घर के भीतर आए, तो उन्होंने बालक को उसकी माता मरियम के साथ पाया, और गिरकर उसकी पूजा की, और अपने खजाने से उसे उपहार, सोना, गोंद और गंध देते हुए चढ़ाए।” – मत्ती 2:10-11
उपहार का महत्व
क्रिसमस का पारंपरिक अर्थ उपहारों का वितरण है, जो यीशु मसीह के जन्म के सार को दर्शाता है। उपहार देने की परंपरा हमें याद दिलाती है कि जैसे भगवान ने हमें अपना सबसे बड़ा उपहार दिया है, उसी तरह हमें भी एक-दूसरे को प्यार में उपहार देना चाहिए। जब हम प्यार से उपहार देते हैं, तो हम अपने हृदय में भगवान के प्रेम का संचार करते हैं। यह श्लोक हमें प्रेरित करते हैं कि हम कैसे अपने जीवन में उपहार देने की इस परंपरा को आगे बढ़ा सकते हैं और अपने आस-पास के लोगों के दिलों को खुशियों से भर सकते हैं।
यूहन्ना 3:16
“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से इतना प्रेम किया कि उसने अपने इकलौते पुत्र को दिया, जिससे जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, बल्कि अनन्त जीवन पाए।” – यूहन्ना 3:16
अमोस 5:24
“परन्तु न्याय जल की तरह और धार्मिकता एक स्थिर धारा की तरह बहती रहे।” – आमोस 5:24
गलातियों 5:22-23
“परंतु आत्मा का फल प्रेम, खुशी, शांति, धैर्य, दयालुता, भलाई, विश्वास, विनम्रता, और आत्मसंयम है। ऐसी बातों के खिलाफ कोई कानून नहीं है।” – galatians 5:22-23
लूका 6:38
“जब तुम देओगे, तो तुम्हें भी दिया जाएगा; अच्छी और दबाई हुई और उसके ऊपर दौड़ती हुई माप तुम्हारे गोद में डाली जाएगी। क्योंकि जिस माप से तुम मापते हो, उसी से तुम्हारे लिए मापा जाएगा।” – लूका 6:38
मत्ती 10:42
“और यदि कोई एक इन छोटे से छोटे लोगों में से केवल एक कप पानी भी पीने के लिए मुझे एक चषक दे, तो तुम्हें सच कहता हूँ, वह अपने पुरस्कार के बिना नहीं रहेगा।” – मत्ती 10:42
परिवार और एकता
क्रिसमस का एक और महत्वपूर्ण पहलू हमारे परिवार और हमारे आगंतुकों के साथ एकता है। इस अवसर पर हम एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं, जिसमें हम अपने प्रेम और सहानुभूति को बांटते हैं। बाइबल की शिक्षा हमें बताती है कि हमें एक परिवार की तरह एकजुट रहना चाहिए, और एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। हमें एक-दूसरे के बौद्धिक और आध्यात्मिक वृद्धि में मदद करनी चाहिए। जब हम अपने परिवार के साथ मिलकर क्रिसमस मनाते हैं, तो हम एक ऐसा माहौल बनाते हैं जो प्रेम से भरा होता है और यह हमें खुद को परमेश्वर के प्रति और अधिक समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।
इफिसियों 4:3
“और शांति के बंधन से एकता को बनाए रखते हुए, आत्मा के अनुसार चलने की कोशिश करो।” – इफिसियों 4:3
कुलुस्सियों 3:14
“और सभी बातों पर प्रेम को पहन लो, जो पूर्णता का सूत्र है।” – कुलुस्सियों 3:14
रोमियों 12:10
“एक दूसरे से भाईचारे से प्रेम करो; आदर से एक दूसरे को आगे बढ़ाओ।” – रोमियों 12:10
मत्ती 18:20
“क्योंकि जहाँ दो या तीन मेरे नाम से इकट्ठे होते हैं, वहाँ मैं उनके बीच में हूँ।” – मत्ती 18:20
1 थिस्सलुनीकियों 5:11
“इसलिए एक दूसरे को संगठित करो और एक-दूसरे को उठाने में सहायता करो, जैसा आप वास्तव में कर रहे हैं।” – 1 थिस्सलुनीकियों 5:11
शांति और आशा
क्रिसमस का एक और मुख्य संदेश शांति और आशा है। जब हम यीशु के जन्म का जश्न मनाते हैं, तो हम दावा करते हैं कि उसने हमारे लिए शांति का मार्ग प्रशस्त किया है। बाइबल में यह दिखाया गया है कि हम तब शांति प्राप्त कर सकते हैं जब हम अपने विश्वास को परमेश्वर में रखते हैं। हमें याद रखना चाहिए कि जब तक हम अपने जीवन में आशा और प्रेम को बनाए रखेंगे, तब तक हम एक खुशहाल जीवन जीने की पूरी क्षमता रखते हैं। दूसरों की मदद करना और उनके जीवन में आशा लाना क्रिसमस के त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रोमियों 15:13
“आशा का परमेश्वर, तुम्हें सभी आनंद और शांति दे, जब तुम विश्वास में रहोगे, जिससे तुम आत्मा की शक्ति से आशा में बढ़ते जाओ।” – रोमियों 15:13
यशायाह 26:3
“तू उसे शांत रखेगा, जिसका मन तुझ पर स्थिर है; क्योंकि वह तुझ पर भरोसा करता है।” – यशायाह 26:3
फिलिप्पियों 4:7
“और परमेश्वर का शांति, जो कि समझ से बाहर है, तुम्हारे हृदयों और विचारों की रखवाली करेगी, जो मसीह यीशु में है।” – फिलिप्पियों 4:7
यशायाह 9:7
“उसकी सत्ता और शांति का कोई अंत नहीं होगा; वह दाऊद के सिंहासन पर और उसके राज्य में बैठकर उसे मजबूत करेगा और उसे स्थिर करेगा। और वह न्याय और धार्मिकता के द्वारा चालना करेगा, अब और सदा तक।” – यशायाह 9:7
मत्ती 5:9
“धर्मी लोग शांति के दूत कहलाएंगे।” – मत्ती 5:9
प्रेम का सार
क्रिसमस का मुख्य संदेश प्रेम है। यही वो समय है जब हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम का इज़हार करते हैं। यीशु का जन्म हमारे लिए प्रेम का एक नायाब उदाहरण है। बाइबल में प्रेम के बारे में कई शिक्षाएं हैं जो हमें यह बताती हैं कि कैसे हमें अपने जीवन में, अपने रिश्तों में और अपने आसपास के माहौल में प्रेम फैलाना चाहिए। हमें याद रखना चाहिए कि प्रेम सब कुछ जोड़ता है और यह हमें ताकत देता है। जब हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम का अनुभव करते हैं, तो यह हमारे जीवन को प्रेरित करता है और हम और बेहतर इंसान बनते हैं।
1 कुरिन्थियों 13:4-7
“प्रेम धैर्यवान है, प्रेम दयालु है; प्रेम जलन नहीं करता; प्रेम घमंडी नहीं है, और अभिमान नहीं करता; यह वास्तव में किसी का नुकसान नहीं करता।” – 1 कुरिन्थियों 13:4-7
रोमियों 13:10
“प्रेम अपने पड़ोसी का कुछ भी नुकसान नहीं करता; इसलिए प्रेम पूरी व्यवस्था का पूरा करने वाला है।” – रोमियों 13:10
यूहन्ना 15:12
“यह मेरा आदेश है, कि तुम एक-दूसरे से प्रेम करो, जैसे मैंने तुमसे प्रेम किया।” – यूहन्ना 15:12
1 यूहन्ना 4:19
“हम प्रेम इसलिए करते हैं, क्योंकि वह पहले हमसे प्रेम करता था।” – 1 यूहन्ना 4:19
अग्नू 4:7
“प्रिय पदक के लिए, हमें एक-दूसरे से प्रेम करना चाहिए; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है, और जो प्रेम करता है वह परमेश्वर का जन्मा है और परमेश्वर को जानता है।” – 1 यूहन्ना 4:7
करुणा और दया
क्रिसमस पर करुणा और दया का महत्व अधिक बढ़ जाता है। यह वह समय है जब हमें एक-दूसरे की मदद करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए, विशेषकर उन जरूरतमंदों के लिए। जब हम किसी की मदद करते हैं, तो हम इस दुनिया में करुणा का प्रकाश फैलाते हैं। बाइबल में हमें सिखाया गया है कि कैसे हमें करुणा दिखानी चाहिए, और यह कि हम सभी एक परिवार के सदस्य हैं। हमें न केवल प्रेम करने की आवश्यकता है, बल्कि यह भी याद रखना चाहिए कि हमें दया और करुणा का भी परिचय देना चाहिए। यह हमें खुद के लिए भी शांति और संतोष लाएगा।
गलातियों 6:2
“एक दूसरे के बोझ उठाओ, और इस प्रकार मसीह के नियम का पालन करो।” – गलातियों 6:2
मत्ती 25:40
“राजा उन्हें उत्तर देगा, ‘मैं तुमसे सच कहता हूँ, जब तुमने इन छोटे से छोटे लोगों में से किसी एक के साथ ऐसा किया, तो तुमने मुझसे किया।’” – मत्ती 25:40
रोमियों 12:13
“सभी संतों की आवश्यकताओं का ध्यान रखो; अतिथि प्रेम से व्यवहार करो।” – रोमियों 12:13
मत्ती 6:1-3
“सावधानी से अपने धार्मिकता का कार्य लोगों के सामने प्रकट मत करो; अन्यथा तुम पिता के पास से कुछ भी पुरस्कार नहीं पाओगे। इसलिए जब तुम दान करो, तो अपने हाथ का दाएं हाथ न जाने दे कि तुम किसी को क्या दे रहे हो।” – मत्ती 6:1-3
मीका 6:8
“परमेश्वर ने तुम्हें दिखाया है, हे मनुष्य, कि अच्छा क्या है; और परमेश्वर चाहता है कि तुम क्या करो: कि तुम न्याय करो, और दया करें, और अपने परमेश्वर के साथ विनम्रता से चलो।” – मीका 6:8
विश्वास की शक्ति
क्रिसमस का अवसर हम सभी के लिए विश्वास का एक बहुत बड़ा वक्त है। यह हमें यह याद दिलाता है कि मुश्किल समय में भी हमें विश्वास बनाए रखना चाहिए। हमारी आस्था ही हमें जीवन में कठिनाईयों से निपटने की शक्ति देती है। जब हम विश्वास के साथ जीते हैं, तो हम अपने आसपास के लोगों को भी प्रेरित कर सकते हैं। बाइबल में कई श्लोक हैं जो हमें विश्वास की शक्ति को पहचानने में मदद करते हैं। हमें अपने जीवन में विश्वास को प्राथमिकता देनी चाहिए और इस अद्भुत उपहार का अनुभव करना चाहिए।
मत्ती 21:22
“और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास के साथ मांगोगे, तुम वह सब पाओगे।” – मत्ती 21:22
हेब्रियों 11:1
“विश्वास आशा की संकेत होती है, उन चीजों का प्रमाण, जिनका दृश्य नहीं।” – हेब्रियों 11:1
फिलिप्पियों 4:13
“मैं हर चीज़ में, मुझे शक्ति देने वाले द्वारा सक्षम हूँ।” – फिलिप्पियों 4:13
1 पेत्रुस 1:8-9
“तुम उसे नहीं देख सकते, फिर भी तुम उससे प्रेम करते हो; और अब तक तुम उस पर विश्वास करते हो, जबकि तुम उसे नहीं देख सकते; और तुम विश्वास के द्वारा अपने आत्मा के उद्धार की प्राप्ति के कारण आनंदित हो।” – 1 पेत्रुस 1:8-9
यूहन्ना 14:1
“तुम्हारा मन व्याकुल न हो; तुम परमेश्वर में विश्वास रखते हो, मुझ में विश्वास रखो।” – यूहन्ना 14:1
क्रिसमस का आध्यात्मिक अर्थ
क्रिसमस केवल संघर्ष और उपहारों का समय नहीं है। यह हमारे जीवन में एक आध्यात्मिक अर्थ है। यह हमें याद दिलाता है कि यीशु हमारे लिए क्या मतलब रखता है, और यह कि हमें खुद की आध्यात्मिक यात्रा पर ध्यान देने की जरूरत है। जब हम ध्यान करते हैं कि यीशु ने हमारे लिए क्या किया है, तो हम अपने जीवन को उसके अनुसार mold कर सकते हैं और अपने रिश्तों में सुधार कर सकते हैं। यह मौका हमें अपने ईश्वर से फिर से जुड़ने का भी है और हमारे विश्वास को नवीनीकरण करने का है।
यूहन्ना 1:14
“और वचन ही मांस बन गया, और हमारे बीच में रहा; और हमने उसकी महिमा को देखा, एक अकेलौते पुत्र की महिमा, जो पिता के पास से आया, और सत्य और कृपा से भरपूर था।” – यूहन्ना 1:14
2 कुरिन्थियों 9:15
“बस हमेशा के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें, जो हमें अपने अनमोल उपहार से प्रदान करता है, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह हैं।” – 2 कुरिन्थियों 9:15
यशायाह 62:11
“यहाँ तुम्हारे लिए एक ανακοίνीकरण है; देखो, तुम्हारा उद्धार आ रहा है; देखो, उसका पुरस्कार उसके साथ है, और उसका काम उसके सामने है।” – यशायाह 62:11
फिलिप्पियों 2:10-11
“ताकि यीशु का नाम हर एक घुटना झुके, जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और पृथ्वी के नीचे है; और हर एक ज़ुबान यह कहे कि यीशु मसीह प्रभु है, पिता के महिमा में।” – फिलिप्पियों 2:10-11
रोमियों 6:23
“क्योंकि पाप की मजदूरी मृत्यु है; परन्तु परमेश्वर का उपहार अनन्त जीवन है, यीशु मसीह हमारे प्रभु के द्वारा।” – रोमियों 6:23
Final Thoughts
क्रिसमस हमारे लिए प्रेम, आशा, और एकता का वक्त है। जब हम यीशु के जन्म का स्वागत करते हैं, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि यह अवसर सिर्फ भौतिक उपहारों तक सीमित नहीं है। हमें एक-दूसरे के प्रति दया, करुणा, और प्रेम बिखेरने का भी प्रयास करना चाहिए। बाइबल के इन श्लोकों के माध्यम से हमें यह सीखने को मिलता है कि कैसे हम अपने रिश्तों को और मजबूत कर सकते हैं और कैसे हम अपने स्वयं के आध्यात्मिक विकास की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। आइए हम सब मिलकर इस अद्भुत अवसर की महत्ता को समझें और अपने दिल में प्रेम और करुणा का संचार करें।
इस क्रिसमस पर, हम अपने आस-पास के लोगों को प्रभावित करें, उन्हें खुशियाँ दें, और अपने विश्वास को और मजबूत बनाएं। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम केवल त्यौहार मनाने से नहीं, बल्कि इसे यादगार बनाने के लिए अपने जीवन में इसे अपनाएं। इस प्रकार, हम प्रेम और एकता के साथ एक बेहतर समुदाय का निर्माण कर सकते हैं।
आइए हम सभी इस विशेष मोके पर अपने आप में बदलाव लाने का संकल्प लें, क्योंकि यही क्रिसमस का असली मतलब है।
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